'Chambal Valley Development Project' is a joint multi-purpose project, in which.......are equal partners in water and electricity.
'चंबल घाटी विकास योजना' एक संयुक्त बहुउद्देश्यीय परियोजना है, जिसके पानी और बिजली में.......बराबर के हिस्सेदार हैं।
Rajasthan and Gujarat
राजस्थान और गुजरात
Rajasthan and Madhya Pradesh
राजस्थान और मध्य प्रदेश
Rajasthan and Uttar Pradesh
राजस्थान और उत्तर प्रदेश
Rajasthan and Punjab
राजस्थान और पंजाब
Rajasthan and Madhya Pradesh
राजस्थान और मध्य प्रदेश
चंबल परियोजना का कार्य 1952-54 में शुरू हुआ था।
यह राजस्थान और मध्य प्रदेश की संयुक्त परियोजना है।
इसमें दोनों राज्यों की 50-50 फीसदी हिस्सेदारी है।
इस परियोजना के तहत तीन बांध, पांच विद्यु त संयंत्र और एक बड़ा बैराज बनाया गया है।
चंबल परियोजना के तहत चंबल नदी पर बांध बनाए गए थे जो राजस्थान और मध्य प्रदेश में पानी और बिजली की आपूर्ति करेंगे।
इन बांधों से कई नहरें भी निकाली गई हैं, जो दोनों राज्यों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराती हैं।
Key Points
गांधीसागर बांध:
यह बांध 1960 में मध्य प्रदेश की भानुपुरा तहसील में बनाया गया था।
गांधीनगर बांध से दो नहरें निकाली गई हैं।
बायीं नहर - बूंदी तक पहुँचती है और मेज़ नदी में मिलती है।
दायीं नहर - पर्वत नदी को पार करके मध्य प्रदेश में पहुंचती है, यहाँ गांधी सागर पावर स्टेशन भी है।
राणा - प्रताप सागर बांध:
राणा - प्रताप सागर बांध, गांधीनगर बांध से 48 किमी की दूरी पर है।
जवाहर सागर बांध:
इसे कोटा बांध भी कहा जाता है,
यह राणा प्रताप सागर बांध से 38 किमी दूर है।
यहां एक विद्यु त ऊर्जा संयंत्र भी बनाया गया है।
कोटा बैराज:
यह कोटा शहर के पास बना हुआ है।
इसमें से दो नहरें निकलती हैं।
दायीं नहर - पार्वती और परवन, नदी को पार करके मध्य प्रदेश में जाती है।
बायीं नहर - कोटा, बूंदी, टोंकटों , सवाई माधोपुर, करौली में पानी की आपूर्ति करती है
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