Key Points :-
व्यापार में जोखिम के मुख्य कारण बाह्य और आंतरिक दोनों होते हैं, जिनमें प्राकृतिक आपदाएँ, बाजार में उतार-चढ़ाव, आर्थिक मंदी, प्रतिस्पर्धा, सरकारी नीतियों में बदलाव, तकनीकी प्रगति, और प्रबंधन या संचालन में अक्षमताएं शामिल हैं। इन कारकों से व्यवसाय की संपत्ति, आय और संचालन बाधित हो सकता है।
बाहरी कारण (External Causes)
ये ऐसे कारक हैं जो व्यवसाय के नियंत्रण से बाहर होते हैं:
भूकंप, बाढ़, तूफान और सूखा जैसी घटनाएँ व्यवसायों के संचालन और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा सकती हैं।
बाजार में मांग में अचानक बदलाव, मुद्रास्फीति, मंदी, और आर्थिक उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर बिक्री और मुनाफे को प्रभावित कर सकते हैं।
टैक्स, व्यापार प्रतिबंध, या नियमों में बदलाव से व्यापार करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है और लागत बढ़ सकती है।
नागरिक अशांति या सरकार में बदलाव से व्यापारिक संचालन और निवेश बाधित हो सकता है।
· प्रतिस्पर्धा:
बढ़ती प्रतिस्पर्धा से उत्पादों की बिक्री कम हो सकती है और मुनाफा घट सकता है।
आंतरिक कारण (Internal Causes)
ये व्यवसाय के भीतर से उत्पन्न होने वाले कारक हैं
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