भारत में आतंकवाद से जुड़ा मुख्य और मौजूदा कानून है गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA). हालांकि इस कानून में संशोधन किए गए हैं और समय-समय पर अन्य कानून भी प्रभावी रहे हैं, लेकिन वर्तमान में UAPA ही वह केंद्रीय कानून है जो भारत में आतंकवाद विरोधी गतिविधियों को नियंत्रित करता है और इसके तहत संगठन व व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया जा सकता है.
मुख्य बातें:
· UAPA (गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम):
यह भारत का वर्तमान केंद्रीय कानून है जो आतंकवाद और संबंधित गतिविधियों को नियंत्रित करता है.
इस अधिनियम में 2019 में संशोधन किया गया था, जिसके तहत केंद्र सरकार को संगठनों के अलावा व्यक्तियों को भी 'आतंकवादी' घोषित करने का अधिकार मिला है.
· अन्य पूर्व कानून:
अतीत में भारत में कुछ अन्य आतंकवाद विरोधी कानून भी लागू रहे हैं, जैसे:
· TADA (आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम), 1985-1995
· POTA (आतंकवाद निरोधक अधिनियम), 2002
· वर्तमान ढाँचा:
इन सभी पूर्व कानूनों को निरस्त कर दिया गया है और अब UAPA भारत में आतंकवाद से निपटने के लिए प्राथमिक कानूनी ढाँचा है.
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